8 साल तक गुल्लक में सिक्के जमा कर दिहाड़ी मजदूर ने खरीदी स्कूटी, बोरी में पैसे लेकर पहुंचा शोरूम

असम के एक दिहाड़ी मजदूर का सपना था कि उसके पास अपनी एक दोपहिया वाहन हो. उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह एक बार शोरुम जाए और बाइक खरीद ले. उसने यह सपना आज से 8 साल पहले देखा था. फिर उसने अपने ख्वाब को पूरा करने के लिए एक ऐसा तरीका निकाला, जिसे जानकर आप भी उसकी तारीफ करे बिना नहीं रह पाएंगे.

8 साल तक गुल्लक में सिक्के जमा कर दिहाड़ी मजदूर ने खरीदी स्कूटी, बोरी में पैसे लेकर पहुंचा शोरूम
असम के एक दिहाड़ी मजदूर का सपना था कि उसके पास अपनी एक दोपहिया वाहन हो. उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह एक बार शोरुम जाए और बाइक खरीद ले. उसने यह सपना आज से 8 साल पहले देखा था. फिर उसने अपने ख्वाब को पूरा करने के लिए एक ऐसा तरीका निकाला, जिसे जानकर आप भी उसकी तारीफ करे बिना नहीं रह पाएंगे.