श्रीलंका की ‘राजसत्ता पर राजपक्षे का राजयोग’, पढ़िए दिलचस्प कहानी, कैसे आजादी के बाद से अब तक सत्ता पर पकड़ बनाए रखी

Rajapaksha Family in Sri Lanka Politics : शीर्ष पर काबिज होने के बाद महिंदा ने हर तरह से श्रीलंका की सत्ता को अपने काबू में रखने की कोशिश की. उतार-चढ़ाव का सामना किया लेकिन सियासत पर असर और दखल बनाए रखने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी. कभी मैत्रीपाल सिरिसेना (पूर्व राष्ट्रपति) जैसे अपने समर्थकों के जरिए तो कभी परिवार के सदस्यों (गोटबाया, मौजूदा राष्ट्रपति) के मार्फत. साल 2016 में इन्होंने श्रीलंका पीपुल्स फ्रंट (Sri Lanka Podujana Peramuna) के नाम से नई पार्टी भी बना ली. यहां तक कि राष्ट्रपति जैसा शीर्ष पद संभाल चुकने बावजूद प्रधानमंत्री बनने से भी नहीं चूके. और अब तक जब जनता के असंतोष के मद्देनजर देश के सभी 26 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं, तब भी महिंदा और गोटबाया अपने पदों पर बने हुए हैं.

श्रीलंका की ‘राजसत्ता पर राजपक्षे का राजयोग’, पढ़िए दिलचस्प कहानी, कैसे आजादी के बाद से अब तक सत्ता पर पकड़ बनाए रखी
Rajapaksha Family in Sri Lanka Politics : शीर्ष पर काबिज होने के बाद महिंदा ने हर तरह से श्रीलंका की सत्ता को अपने काबू में रखने की कोशिश की. उतार-चढ़ाव का सामना किया लेकिन सियासत पर असर और दखल बनाए रखने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी. कभी मैत्रीपाल सिरिसेना (पूर्व राष्ट्रपति) जैसे अपने समर्थकों के जरिए तो कभी परिवार के सदस्यों (गोटबाया, मौजूदा राष्ट्रपति) के मार्फत. साल 2016 में इन्होंने श्रीलंका पीपुल्स फ्रंट (Sri Lanka Podujana Peramuna) के नाम से नई पार्टी भी बना ली. यहां तक कि राष्ट्रपति जैसा शीर्ष पद संभाल चुकने बावजूद प्रधानमंत्री बनने से भी नहीं चूके. और अब तक जब जनता के असंतोष के मद्देनजर देश के सभी 26 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं, तब भी महिंदा और गोटबाया अपने पदों पर बने हुए हैं.