बांग्लाभाषी राज्य त्रिपुरा में जड़ें क्यों नहीं जमा पा रही टीएमसी, कहां उलझा है पेंच? जानें

TMC in Tripura : चूंकि टीएमसी के पास त्रिपुरा में प्रभावी नेतृत्त्व नहीं है. इसलिए स्वाभाविक तौर पर उसे बंगाल या अन्य नजदीकी राज्यों के नेताओं के भरोसे त्रिपुरा में पार्टी संगठन चलाना पड़ रहा है. जैसे- सुष्मिता देव को त्रिपुरा में पार्टी संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई. लेकिन वे मूल रूप से असम की हैं. इसी तरह बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके राजीब बनर्जी को त्रिपुरा का प्रभारी बनाया गया है. वे खुद 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी छोड़कर भाजपा में चले गए थे. चुनाव बाद फिर टीएमसी में लौट आए.

बांग्लाभाषी राज्य त्रिपुरा में जड़ें क्यों नहीं जमा पा रही टीएमसी, कहां उलझा है पेंच? जानें
TMC in Tripura : चूंकि टीएमसी के पास त्रिपुरा में प्रभावी नेतृत्त्व नहीं है. इसलिए स्वाभाविक तौर पर उसे बंगाल या अन्य नजदीकी राज्यों के नेताओं के भरोसे त्रिपुरा में पार्टी संगठन चलाना पड़ रहा है. जैसे- सुष्मिता देव को त्रिपुरा में पार्टी संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई. लेकिन वे मूल रूप से असम की हैं. इसी तरह बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके राजीब बनर्जी को त्रिपुरा का प्रभारी बनाया गया है. वे खुद 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी छोड़कर भाजपा में चले गए थे. चुनाव बाद फिर टीएमसी में लौट आए.