करौली हिंसा: बेटी के साथ लपटों के बीच बचकर निकली थी विनिता, पढ़ें दंगे की कहानी उनकी जुबानी

करौली हिंसा का आंखों देखा हाल: करौली शहर में चार दिन पहले 2 अप्रेल को नवसंवत्सर पर भड़की हिंसा (Karauli violence) की लपटों से बचकर सुरक्षित घर पहुंची विनिता अग्रवाल (Vinita Agarwal) की आंखों के सामने जब भी वह मंजर आता है तो वह कांप उठती है. बकौल विनिता चारों तरफ धुएं का गुब्बार उठ रहा था. एकबारगी लगा कि पता नहीं क्या होगा लेकिन पुलिस ने जिस बहादुरी से उनको वहां से सुरक्षित बाहर निकाला उसे वह कभी भूल नहीं सकती.

करौली हिंसा: बेटी के साथ लपटों के बीच बचकर निकली थी विनिता, पढ़ें दंगे की कहानी उनकी जुबानी
करौली हिंसा का आंखों देखा हाल: करौली शहर में चार दिन पहले 2 अप्रेल को नवसंवत्सर पर भड़की हिंसा (Karauli violence) की लपटों से बचकर सुरक्षित घर पहुंची विनिता अग्रवाल (Vinita Agarwal) की आंखों के सामने जब भी वह मंजर आता है तो वह कांप उठती है. बकौल विनिता चारों तरफ धुएं का गुब्बार उठ रहा था. एकबारगी लगा कि पता नहीं क्या होगा लेकिन पुलिस ने जिस बहादुरी से उनको वहां से सुरक्षित बाहर निकाला उसे वह कभी भूल नहीं सकती.